चर्चा में दुख के कारोबार असल में दुख के यूनिवर्सल होने में बहुत कुछ होता है, आपको एक गाड़ी चाहिए, मोटे दीवार वाले मकान चाहिए, कुछ ज्यादा ही व्यस्त... आनंदMarch 21, 2026
Uncategorized होनी ये तो मानते हैं कि जब तक कोई एक भी पक्ष उंगली खड़ी रखे, काम नहीं होता (सभी का केचअप शामिल है यहां की... आनंदApril 24, 2022
जेन जी-डी-पी यार! नासमझ ही रह गए हम! अगर आप समूह में अधर्म को न्योतकर धर्म की खिल्ली उड़ा भी लें तो भी ये समझें कि एक तरह का अधर्म दूसरे तरह... आनंदApril 18, 2022
धर्म-अध्यात्म भजहु राम बिन हेतु सनेही बिना किसी हेतु के भले कर्म करें, भली जिंदगी जियें। आपको अवसर मिला है, यही आपका पारितोषिक है! न कोई शरीर-धारी किसी को कुछ... आनंदJanuary 27, 2020