मूर्ख-पत्रिका परदूसन अगर आपको भूख लगे तो क्या आप लौकी के लौकी होने तक भूखे रहेंगे? तब तक हमारे कारखाने में पूरे शहर के एक महीने... डाक साहेब1 day ago
बात के बंदर भौजी, गम और भैया का मातम मोमकेश बक्षी जी से नहीं रहा गया। इस बार उन्होंने बेलनवाली की फोटो के सामने रखा बेलन उठाया और बड़ी ही लापरवाही से हवा... आनंद2 days ago
मूर्ख-पत्रिका नेता जी का वाद इसके बाद नेतास्थान में हाहाकार मच गया। संदेश प्रचारित हो गया कि भयंकर दमन हो रहा है, भोली-भाली जनता को संख्या गणित में हराकर... नेताजी3 days ago
जेन जी-डी-पी फकीर इंटरनेशनल अब कारोबार इतना बढ़ गया कि डायरेक्टर के भी दस-बारह और रायता रिक्रूटमेंट हुए। अब सबका एक महाडायरेक्टर मिल्की वे के ऑफिस में बैठता... लेखक महोदय5 days ago
बात के बंदर नाम इच्छानुसार ऐसा किताबों में लिखा है कि जल में दूध और दूध में जल, सुविधानुसार, साधनानुसार, इच्छानुसार और यहाँ तक कि स्वादानुसार भी, मिलाने की... डाक साहेबMay 10, 2026