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केसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंगकेसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंग

जेन जी-डी-पी

फिर पासार्थी का बाप आया, 'इसमें कोई टैलेंट है नहीं ददा! इकरा किताब दीजिए! साला जिंदगी भर लिख और खुद के लिखल पढ़!' उसका...

जेन जी-डी-पी

'का हो प्रजा! कैसन हाल है? ' अपदस्थ राजा, जिसे मालूम नहीं कि आज उसकी काठ की, गमछे वाली कुर्सी को उससे मोक्ष मिलने...

प्याज के छिलके

बात तो सही है! ट्रेन पहुंचे इससे पहले विद्यालय में छुट्टी हो जाती थी, दफ्तर निपट जाता था, पत्नी रसोई से निकलकर ऑन बिस्तर...

जेन जी-डी-पी

पिता जी फिर बोले, पानी लाओ! हमने कलम बंद की, कैसे लाऊँ? बाप पूछिन, कैसे लाते हो? हमने बताई, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन...बाबू जी ने...

जेन जी-डी-पी

...आज फैक्ट्री का शटर खुल गया है, बकरियाँ...होंगी कहीं! ओह! ये फोटो गलत लग गई है! ठीक है! बाद में बदल दी जाएगी। इस...

प्याज के छिलके

मटुक मास्टर आंसुओ में टूट गए! अब जाकर इन्होंने बच्चे की प्रतिभा को पहचाना है। ये बच्चा कलियुग के कलि का सगा नाना है,...

बात के बंदर

मोमकेश बक्षी जी से नहीं रहा गया। इस बार उन्होंने बेलनवाली की फोटो के सामने रखा बेलन उठाया और बड़ी ही लापरवाही से हवा...

बात के बंदर

ऐसा किताबों में लिखा है कि जल में दूध और दूध में जल, सुविधानुसार, साधनानुसार, इच्छानुसार और यहाँ तक कि स्वादानुसार भी, मिलाने की...

जेन जी-डी-पी

सुबह मैं ऑटो करके घर पहुँची तो पाया मेरे बेटर हॉफ ऑफिस जाने को तैयार हैं। मैंने उससे कल वाली बातें कही तो वो...

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प्रस्तुति एवं COPYRIGHT © 2022 MRITYUNJAY MISHRA