मूर्ख-पत्रिका कटोरा वृति भीखू खुद को गरियाता हुआ, वापस बोरी ठीक से बिछाकर बैठ गया! एक त एक अप्रैल, ऊपर से सनीचर! साला, ग्रह, गोचर, साढ़े साती,... लेखक महोदय5 days ago
जेन जी-डी-पी गज़ब का गियान बाबू जी बोले, संसार में दस अरब लोग हैं, सब के सीने पर उंगली सटाकर बोलना कि ये चोर...ये चोर...पूरी जिंदगी छोटी न पड़े,... आनंद6 days ago
प्याज के छिलके जनमत बात तो सही है! ट्रेन पहुंचे इससे पहले विद्यालय में छुट्टी हो जाती थी, दफ्तर निपट जाता था, पत्नी रसोई से निकलकर ऑन बिस्तर... राजहंसJune 3, 2026