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मिठाई और मक्खियाँ

ठीक कहा है किसी ने कि मिठास के भी कुछ साईड ईफेक्ट होते हैं! सब कुछ आरामदेह होना भी कई बार बेचैनी पैदा करता है।

लोग बड़े हुनरमंद हैं, एक से बढ़कर एक जुमले गढ़ते हैं! अब इनहोने मिठाई और मक्खियों का नाम लेकर तहलका मचा रखा है!

मक्खियाँ बड़ी अजीब सी रचना हैं भगवान की सृष्टि में! ये या तो एकदम रसदार, माल सदृश्य जलेबियों/ मिठाइयों पर लगती हैं, या तो कचरे पर! अभी देखिये कि कितनी जगहें भारत में ऐसी हैं, जहां मक्खियों ने मिठास की आस में पेलाइ कर रखी है! ये क्वालिटी वाली मक्खियाँ और कहीं नहीं लगेंगी! ये बांग्लादेश नहीं जाएंगी, पाकिस्तान नहीं जाएंगी, अफगानिस्तान नहीं जाएंगी, या इतनी दूर की बात छोड़िए, भारत में ही जहां बैरोमीटर लंबी सांसें ले रहा है, ये वहाँ भी नहीं जाएंगी।

साला! ठीक कहा है किसी ने कि मिठास के भी कुछ साईड ईफेक्ट होते हैं! सब कुछ आरामदेह होना भी कई बार बेचैनी पैदा करता है।

कष्ट, कृपा और प्रेम ही ऐसे तत्व हैं जो धरती को स्वर्ग बनाएँगे। भारत में कष्ट तत्व की भारी क़मी होती जा रही है, संभवतः !

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केवल सोद्देश्य रचनात्मकता / साहित्यिक समीक्षाएं व आलोचनाएँ। प्रस्तुति एवं Copyright © 2022 Mrityunjay Mishra