धर्म-अध्यात्म सीता-हरण के पूर्व वाल्मिकीय रामायण से उद्धृत लक्ष्मण जी के ऐसा कहने पर सीता माता रोने लगीं। उन्होने कहा – लक्ष्मण! मैं श्री राम से बिछुड़ जाने... राजहँसMay 26, 2024
जेन जी-डी-पी यार! नासमझ ही रह गए हम! अगर आप समूह में अधर्म को न्योतकर धर्म की खिल्ली उड़ा भी लें तो भी ये समझें कि एक तरह का अधर्म दूसरे तरह... आनंदApril 18, 2022
चर्चा में मंदिर की जीर्ण-शीर्ण दीवारें भारत का एक वर्ग ही आजादी को भुना पाया, एक ही व्यवस्था आजादी का लाभ ले पायी और धार्मिक व्यवस्था, घर के आँगन में... बबा जीApril 18, 2022
धर्म-अध्यात्म भजहु राम बिन हेतु सनेही बिना किसी हेतु के भले कर्म करें, भली जिंदगी जियें। आपको अवसर मिला है, यही आपका पारितोषिक है! न कोई शरीर-धारी किसी को कुछ... आनंदJanuary 27, 2020