मैं मर्द हूँ, पहले ज़िंदा था, अब मर गया, मुर्दा हूँ, लिहाज़ा आप कह सकते हैं कि मैं मुर्दा मर्द हूँ। दुनिया ने कहा कि मेरा मरना जरूरी है, इसके बिना उसका उद्धार नहीं होगा! दधीचि की अस्थियों से वज्र बना, मेरे पिंजर से देश-दुनिया और प्रियजनों का घर बना। मेरे सीने पर लोग खड़े हुए, फिर उनको फील-गुड हुआ, फिर मुझे कभी खड़ा होने ही नहीं दिया गया। मेरी गेंद तोड़कर बीसियों छर्रे बनाए गए हैं, लोग गुलाबी कार्ड दिखाकर कैस भुना रहे हैं और हम ऊपर से नीचे लाल सुजाये गए हैं।