नमस्ते, मै CEO साहब हूँ। एक साईट बनाकर गलती की, कुछ अजीबोगरीब प्राणियों के हाथ में कलम पकड़ाई और नतीजा सामने है। खेत खाए ये लोग और लोग पानी पी - पीकर गालियाँ मुझे देते हैं। साईट मेरी इज्जत, मेरे ज्ञान की तरह ही मुफ्त है। खुद भी कभी कभार लिख देता हूँ, ज्यादातर तो माफी मांगते ही दिन गुजरते हैं। अकेला डालमिया कानेगा कि कब्र खानेगा...दोनों कर रहा हूँ। आप मुझसे संवेदना व्यक्त कर सकते हैं!