Connect with us

Hi, what are you looking for?

केसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंगकेसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंग

छम्मक-छल्लो

इनको लोग ईर्ष्या से, असुरक्षा से, दुर्भावना से छम्मक-छल्लो बोलते हैं, ये सब सिर्फ इसलिए सहन करती हैं कि कम से कम बाप के दिए नाम से तो मुक्ति मिली। ओपिनियन रखती हैं, तो लोगों की क्यों सुलगती है? बराबर का हक चाहिए, आजाद पंछी हैं, खुली सरहद चाहिए। सही गलत का भेद पूर्वाग्रह है, बंधन है, हर पीली चीज उपयोग करती हैं, हो सकता है, सोना या चंदन है। इनका मानना है कि ये योग नहीं, प्रयोग का काल है। इनकी सेवा करेंगे तो हर सुविधा फ्री है और अगर प्रश्न किया तो फिर धारा तीन, तेरह से चार सौ बीस तक, साथ ही उपधाराएं ए, बी और सी फॉर सी हैं।

मूर्ख-पत्रिका

‘मोक्ष मिला, किसी ने नहीं देखा! मौज तो मिली! मुक्ति मिलेगी, कोई नहीं जानता! मस्ती तो मिली!’ उसकी बेस्टी ने उसे समझाया था। मेरी...

प्रस्तुति एवं COPYRIGHT © 2022 MRITYUNJAY MISHRA