ये रिपोर्टर हैं। रिपोर्ट करते हैं। अगर कुछ न हो तो कुछ ऐसा होने देते हैं कि रिपोर्ट करनी पड़े। इनका मानना है कि दुनिया के सारे सत्य देखे और कहे-सुने जाते हैं..अर्थात अप्रकट जब तक प्रकट नहीं होगा, संकट नहीं होगा, विकट नहीं होगा, जब तक उससे जुड़ा कोई झंझट नहीं होगा, तब तक तैयारी और टेस्टिंग का टाइम है...उसके बाद क्राइम है, प्राइम टाइम है, आठ के ठाठ हैं, डिबेट @ नाइन है!