Connect with us

Hi, what are you looking for?

केसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंगकेसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंग

चर्चा में

यंगिस्तान में अचानक चर्चा शुरू हो गयी कि आधा इस्तान भूखा है, पूरा इस्तान बेरोजगार है, इस्तान की लड़कियां पिंजरे की मैना है, इस्तान...

चर्चा में

अगर अब जीना नहीं सीख सके तो विनाश के लिए तैयार रहिए। जब विध्वंस के बाद हम गिरेंगे तो फिर हमारी खुदाई भी होगी...

चर्चा में

राजा भी तो राज्य की मूलभावना का प्रतिनिधित्व करता नहीं, वो राष्ट्रनीति नहीं राजनीति का अनुगामी बन गया है। राजा का आदेश बनकर जब...

प्याज के छिलके

भारत में जिस तरह ताबड़तोड़ भविष्य रोपे गए हैं, तो भविष्य फलेंगे भी फूलेंगे भी! और इन्हें फलित करना हम सबकी जिम्मेदारी है! जब...

चर्चा में

धर्म को क्या पड़ी थी? आप जहां भी हो, उसी ईश्वर के लोक में हो! कुछ भी करो, उसी ईश्वर की इच्छा से कर...

चर्चा में

पुराने लोगों ने सोचा नहीं होगा कि उनकी अच्छाइयों को जानने वाला, जपने वाला संसार एक ऐसे समय तक जाएगा जब उसे अच्छाइयों के...

Uncategorized

कई विरोधी वर्गों को जोड़ने के लिए एक काल्पनिक दायरा बनाया जा रहा है और ये ईकवेशन-मनेजमेंट और ये इंजीनियरिंग ने सारा घटनाक्रम धुंधला...

चर्चा में

लोग पूछते हैं कि ‘आखिर कब तक?’ कब तक लोग भूखे मरेंगे? कब तक अपराध होता रहेगा? कब तक भ्रष्टाचार का नाच होता रहेगा?...

केवल सोद्देश्य रचनात्मकता / साहित्यिक समीक्षाएं व आलोचनाएँ। प्रस्तुति एवं Copyright © 2022 Mrityunjay Mishra