हमने कलम निकाली और कागज पर रगड़ डाली।
बगुला-बगुला दान दे!
पहले हमको गियान दे!
फिर कच्चा बादाम दे!
चाहे चूसा हुआ आम दे!
सुरा सुंदरी का आराम दे!
जमीन जायदाद बेनाम दे!
सैलरी दे, ऊपरी दे, भीतरी दे,
चाहे काम दे, बेकाम दे!
बाप ने पूछा, क्या पढ़ता है? हमने कहा, ए और बी का होल स्क्वायर!
ए और बी बोले तो! हमने लिखकर दिखाया! कितना अनपढ़ इंसान है अपना बाप!
आदमी और बंदर का होल स्क्वायर! उन्होंने पूछा? हमने कहा, नहीं होता! दिया उन्होंने हमको एक चमेटा! ए फॉर आदमी और बी फॉर बंदर नहीं होता? हमने कान खुजलाए!
एक ट्रेन उधर से आ रही है, दूसरी इधर से जा रही है! बोल! हमने कहा, स्पीड बताओ! उन्होंने फिर चमेट मारी! उधर ट्रेन लड़ रही है और तुझे ब्रेक छोड़, स्पीड मीटर देखना है? हमने फिर कनपटी ठंडा होने तक मौन रखा।
एक बंदर पेड़ पर चढ़ता है हर दूसरे दिन चढ़े हुए का आधा उतर जाता है! कब चढ़ेगा ऊपर? हमने पिता जी के सवाल पर कलम उठाई, पेड़ की ऊंचाई और बंदर की…फिर तमाचा! किसी दिन बंदर पूरा उतर गया तो तू क्या उससे हिसाब गलत करने का जुर्माना लेगा! हम बोले, धत्!
अभी यही बात पर दीवार पर तेरा माथा दे मारूँ? बोल क्या होगा? जितना बल दीवार मेरे माथे पर लगाएगा, उतना बल मेरा माथा दीवार पर…एक भयंकर चमेटा! दीवार तोड़ेगा माथे से! वरदराज कहीं का!
पिता जी फिर बोले, पानी लाओ! हमने कलम बंद की, कैसे लाऊँ? बाप पूछिन, कैसे लाते हो? हमने बताई, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन…बाबू जी ने ऐसा उठाकर पटका कि हम कुएं में जा गिरे! न हाइड्रोजन मिला, न ऑक्सीजन! मरमरा जाते पर बाबू जी टान कर निकाले! क्या मिला अंदर? हम उनको क्या ही बोलें!
अब बाबू जी इज गोइंग फॉर किल! अगर जवाब न दिए तो लग्गड़ दिये जाओगे! बाबू जी कहिन, ये जो चौदह मंजिली इमारत है, वहाँ से फेंकूंगा! नीचे आओगे? हमने कहा कि पिता जी गुरुत्व बल के अधीन गुरुत्व नियतांक…पिता जी लाठी लेकर दौड़ पड़े हमारे पीछे, उससे पहले ही तुमको ठिकाना लगा देते हैं मूर्खाधिपति!
हम हिम्मत करके हुए खड़े, लाठी पकड़ी और कह पड़े! पिता जी, सवाल पूछिए!
बाबू जी पास आए, नजर से नजर मिलाये, आँख मटमटाई और खैनी लगाई, बुधा और बंदर वाली क्या बात है?
हम सीना पीट उठे, बाबू जी, इश्क़ है, मुहब्बत है, मीठे-खट्टे जज़्बात हैं! सब्जी है, रायता है, गरमागरम दाल भात है!
पिता जी कहिन, दिखाओ! हमने जैसे ही किताब खोली, बाबू जी ने गाँव पर चला दी गोली!
अबे ससुर के नाती!
साले बाप के बाराती!
मूर्ख पुत्र से अच्छा है, सुर्ख छिद्र वाला पुत्र! भाग अपनी पासशाला और मास्टर जी को पहना देना जूतों की माला! नालायक, निकम्मा साला!
