पासार्थी हमारे पास आया! बोला कि दादा हमको पास करा दो, हम बोला कि ‘पास होना इज डिफिकल्ट! इफ फेल हो गया तो इट विल बी योर फॉल्ट! बोल पढ़ेगा?’
पासार्थी तैयार हो गया, बोला कि बस पास करा दूँ!
जेब काटने का ट्रेनिंग करेगा? पास हो गया तो माल ही माल और बोले तो एडवेंचर अलग से!
पासार्थी बाप से पूछ आया बोला कि बाबू जी बोले कि रिस्क बहुत है!
हमने पूछा कि एंटरटेनमेंट में जाएगा? मजा भी देगा, खुद तेरे को भी मजा आएगा? कम लेबर, एनर्जी सेवर और डिफरेंट डिफरेंट फ्लेवर! पासार्थी फूल गया पर दिक्कत और भी है… सरे चौराहे, कैमरे के आगे, निकर उतारना इज नॉट हार्ड, बट एंटरटेनमेंट इज नॉट एवरीथिंग अबाउट निकर! बहुत कुछ और भी मांगता है इसमें।
फिर पासार्थी का बाप आया, ‘इसमें कोई टैलेंट है नहीं ददा! इकरा किताब दीजिए! साला जिंदगी भर लिख और खुद के लिखल पढ़!’
उसका भी एक ठो टैलेंट होता है। हमने सोचा कि लड़का का परीक्षा लिया जाए!
हमने उसको एक पेड़ दिखाया…पूछा कि क्या है?
पेड़, गाछ, वृक्ष, विटप!
हम बोलता है कि हरा झाड़ है। तुमको कौन बोलता है कि वो पेड़ है?
पासार्थी बोला कि बाप दादा ने?
गोलत! तब उससे शिक्षा काहे नहीं लिया? उसी से पढ़ लो!
बच्चा गुमसुम हो गया!
हमने पूछा कि धरती नापी है? उसने कहा, नहीं। हमको पहले बात पर ही दारुण अफसोस हुआ, फिर भी दिल पर पत्थर रखकर पूछा, कैसी है?
बच्चा बोला, गोल!
गोलत! तुमको कौन बोला? बच्चा बोलने को हुआ पर फिर डांट के डर से मौन हो गया।
धरती कैसा है? बोलो। गंडगोल है!
बच्चा बोला, गंडगोल है!
हमने उसको जीरो लिखकर दिखाया? क्या है?
क्या है?…उसने डर से उत्तर नहीं दिया। हमको लगा कि बच्चा सीख तो रहा है!
बोलो, डीम है! ओंडा!
ओंडा!
किसका ओंडा?
छुतुरमुर्ग का!
हमने बोला, हाथी का!
बच्चा भागकर फ्राइंग पैन ले आया। इसका आमलेट खाऊँगा सर!
हा! पासार्थी में श्रद्धा तो है विद्या के प्रति। सीखेगा जरूर!
हमने कहा, बच्चा, आज से तुम बायोलॉजी पढेगा। कैसे पढ़ेगा?…तुमको रोज सुबह सात बजे से, शाम चार बजे तक क्लास चलेगा। पहला क्लास में, तुम, तुम्हारे मुहल्ले के कुत्ता लोग का दुम पकड़कर सीधा करेगा! सिर्फ सीधा नहीं करेगा, गिनेगा, उसमें कितना बाल है।
सब कुत्ते का दुम सीधा हो गया तब…बच्चे ने यही पूछा था।
तो फिर अगले दिन से टेढ़ा करेगा। तुम्हारा दूसरा क्लास चलेगा, नेचुरल साइंस का, तुम पेड़ पर, सबसे ऊँचा डाल पर बैठेगा और बर्ड लोग से बात करेगा?
इससे फायदा सर! इतना बोलने की देर थी, हमने समझाया, फॉर योर ग्रोथ, लर्निंग, फॉर योर बेटरमेंट। तुम करेगा, नहीं तो चरती भैंस के साथ खेत में चारा चरेगा।
पासार्थी को करियर की चिंता है।
तुम्हारा अगला क्लास होगा, गणित का। तुम अंतिम क्लास में, स्टार्स गिनेगा!
दिन में कैसे दिखेगा?
हफ! बोका मानुष! जीरो गिनेगा!
पासार्थी दब गया पर अब क्या होना था! हम बोला, अब तुम रात भर यही होमवर्क करो!
८० परसेंट एटेंडेंस जरूरी है और होमवर्क नहीं किया तो तुम्हारा फ्यूचर को स्ट्रेचर भी नेही देगा!
जी! वो चलने को हुआ।
कल बाप को ले आना, हमारा फीस जरूरी है!
उतना पापा के पेंट की जेब में रहता है…
पैंट की जेब फटेगी, जिप खुलेगा, कोष फूटेगा, गुर्दा बिकेगा! बेटा! लिख।
लाल निकर, पीली शर्ट, हरी टाई, नीला बस्ता, उजला जंघिया और बनियान। टेम्पो भाड़ा, खेल-मैदान, प्रयोगशाला का किराया, खाना-पीना का खर्च, सूसू-पोटी की सफाई के लिए अलग से। फिर किताब…कॉपी…पेन…इंक…पेंसिल…चित्रकला, गायकी, नृत्य, योग, मार्शल आर्ट, क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, तलवारबाजी, तीरंदाजी वगैरह के क्लास का खर्चा अलग से। स्कूल फीस, ट्यूशन फीस, परीक्षा फीस, रिजल्ट फीस, मिसलेनियस फीस वगैरह।
पासार्थी सदमे में है।
डरो नहीं। दिक्कत होगा तो हमारा साला, तुमको क्लास देगा, एक्सट्रा! उसके घर चले जाना, न जा सको तो यू ट्यूब से पढ़ लेना। उसके पास…हमने आंख मारा!
पासार्थी को उम्मीद जगी।
हो सकता है कि तुमारा बाप को लोन लेना पड़े…हम दिलवा देगा! बहुत पहचान है हमारा बैंकिंग में! तुम पास हो जाएगा तब चुका देना!
नहीं चुका पाया तो!
बेटा! ऐसा नहीं होता बेटा! दादा का पढ़ाई अलग होता है बेटा! तुम लंडन जाकर बोलेगा तो लंडन का लंडन डोलेगा! दादा का पढ़ाई ऐसा मशहूर है बेटा! किताब पढ़कर तो कुक्कुर का भी कल्याण हो जाता है पर पढ़ाई में जब ये तीन चीज लग जाता है तो करियर महान हो जाता है।
