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केसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंगकेसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंग

चर्चा में

युद्ध लड़ ही लिया जाए। ध्वनि मत से युद्ध जीत भी लिया गया है। थई थई कर दी हमने उनकी, इतना शोर किया, इतना...

चर्चा में

यहाँ वैज्ञानिक को दार्शनिक के पड़ोसी होने का समुचित फायदा मिला। परिस्थितियों के भंवर में, घाट से घाट पटक खाकर, हिलोर कर कपड़े को...

चर्चा में

ये तो थी पुरानी बात। पर आपने कभी गौर किया है कि कुर्सी में वो क्या बात होती है जो उसे कुर्सी बनाती है?...

चर्चा में

डार्विन के विकासवाद की अपार सफलता के बाद अब पेश है दारू का विकासवाद।

चर्चा में

यंगिस्तान में अचानक चर्चा शुरू हो गयी कि आधा इस्तान भूखा है, पूरा इस्तान बेरोजगार है, इस्तान की लड़कियां पिंजरे की मैना है, इस्तान...

चर्चा में

अगर अब जीना नहीं सीख सके तो विनाश के लिए तैयार रहिए। जब विध्वंस के बाद हम गिरेंगे तो फिर हमारी खुदाई भी होगी...

चर्चा में

राजा भी तो राज्य की मूलभावना का प्रतिनिधित्व करता नहीं, वो राष्ट्रनीति नहीं राजनीति का अनुगामी बन गया है। राजा का आदेश बनकर जब...

चर्चा में

ठीक कहा है किसी ने कि मिठास के भी कुछ साईड ईफेक्ट होते हैं! सब कुछ आरामदेह होना भी कई बार बेचैनी पैदा करता...

प्याज के छिलके

भारत में जिस तरह ताबड़तोड़ भविष्य रोपे गए हैं, तो भविष्य फलेंगे भी फूलेंगे भी! और इन्हें फलित करना हम सबकी जिम्मेदारी है! जब...

चर्चा में

धर्म को क्या पड़ी थी? आप जहां भी हो, उसी ईश्वर के लोक में हो! कुछ भी करो, उसी ईश्वर की इच्छा से कर...

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