चर्चा में किस्सा-ए-भौजाई युद्ध लड़ ही लिया जाए। ध्वनि मत से युद्ध जीत भी लिया गया है। थई थई कर दी हमने उनकी, इतना शोर किया, इतना... बटुक जीMarch 22, 2026
चर्चा में दिव्य धुलाई यंत्र यहाँ वैज्ञानिक को दार्शनिक के पड़ोसी होने का समुचित फायदा मिला। परिस्थितियों के भंवर में, घाट से घाट पटक खाकर, हिलोर कर कपड़े को... लेखक महोदयMarch 21, 2026
चर्चा में राजद्रोह राजा भी तो राज्य की मूलभावना का प्रतिनिधित्व करता नहीं, वो राष्ट्रनीति नहीं राजनीति का अनुगामी बन गया है। राजा का आदेश बनकर जब... लेखक महोदयMay 11, 2022
Uncategorized भाइलोगन की कारीगिरी PHOTO CREDIT: MEMES OF HINDUSTAN लेकिन अफसोस! ये टोपीकरण मतलब नवीनीकरण हमारे गाँव में ही रह गया....शायद इसलिए कि...उन्होंने वदन की यही अहमियत समझी... बटुक जीMay 11, 2022
चर्चा में मिठाई और मक्खियाँ ठीक कहा है किसी ने कि मिठास के भी कुछ साईड ईफेक्ट होते हैं! सब कुछ आरामदेह होना भी कई बार बेचैनी पैदा करता... बटुक जीApril 29, 2022
चर्चा में दंड संहिता धर्म को क्या पड़ी थी? आप जहां भी हो, उसी ईश्वर के लोक में हो! कुछ भी करो, उसी ईश्वर की इच्छा से कर... बबा जीApril 23, 2022
चर्चा में हँसी के बहाने पुराने लोगों ने सोचा नहीं होगा कि उनकी अच्छाइयों को जानने वाला, जपने वाला संसार एक ऐसे समय तक जाएगा जब उसे अच्छाइयों के... राजहँसApril 23, 2022
चर्चा में मंदिर की जीर्ण-शीर्ण दीवारें भारत का एक वर्ग ही आजादी को भुना पाया, एक ही व्यवस्था आजादी का लाभ ले पायी और धार्मिक व्यवस्था, घर के आँगन में... बबा जीApril 18, 2022
चर्चा में कब तक लोग पूछते हैं कि ‘आखिर कब तक?’ कब तक लोग भूखे मरेंगे? कब तक अपराध होता रहेगा? कब तक भ्रष्टाचार का नाच होता रहेगा?... नेताजीApril 18, 2022
चर्चा में समानार्थक अथवा सामानर्थक शब्द ऐसे रोबोट भारत और विश्व में शांति हेतु काम किए जा रहे हैं, इनसे प्रोत्साहित न हो वरना किसी दिन अगर शौचालय में आपका... बटुक जीJanuary 27, 2020