मूर्ख-पत्रिका कटोरा वृति भीखू खुद को गरियाता हुआ, वापस बोरी ठीक से बिछाकर बैठ गया! एक त एक अप्रैल, ऊपर से सनीचर! साला, ग्रह, गोचर, साढ़े साती,... लेखक महोदयJune 25, 2026
जेन जी-डी-पी गज़ब का गियान बाबू जी बोले, संसार में दस अरब लोग हैं, सब के सीने पर उंगली सटाकर बोलना कि ये चोर...ये चोर...पूरी जिंदगी छोटी न पड़े,... आनंदJune 24, 2026
प्याज के छिलके भविष्य भारत में जिस तरह ताबड़तोड़ भविष्य रोपे गए हैं, तो भविष्य फलेंगे भी फूलेंगे भी! और इन्हें फलित करना हम सबकी जिम्मेदारी है! जब... बकील साबApril 23, 2022
मूर्ख-पत्रिका अहम मूर्खस्मि: अपनी मूर्खता महान कभी-कभी हम गलतियां और मूर्खताएं करते हुए इतने आगे बढ़ जाते हैं कि वापस आने में कई गुना मेहनत लग सकती है। न केवल... ताऊJanuary 27, 2020
चर्चा में समानार्थक अथवा सामानर्थक शब्द ऐसे रोबोट भारत और विश्व में शांति हेतु काम किए जा रहे हैं, इनसे प्रोत्साहित न हो वरना किसी दिन अगर शौचालय में आपका... बटुक जीJanuary 27, 2020