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केसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंगकेसरिया भारत: राष्ट्रीयता के पक्के रंग

जेन जी-डी-पी

इसके बाद चर्चा जोर से चली कि चाय मंडली में, कम चाय वाले स्वामी को न केवल चाय कम देकर बेइज्जत किया गया, अपितु...अपनी...

जेन जी-डी-पी

बाबू जी बोले, संसार में दस अरब लोग हैं, सब के सीने पर उंगली सटाकर बोलना कि ये चोर...ये चोर...पूरी जिंदगी छोटी न पड़े,...

जेन जी-डी-पी

फिर पासार्थी का बाप आया, 'इसमें कोई टैलेंट है नहीं ददा! इकरा किताब दीजिए! साला जिंदगी भर लिख और खुद के लिखल पढ़!' उसका...

जेन जी-डी-पी

'का हो प्रजा! कैसन हाल है? ' अपदस्थ राजा, जिसे मालूम नहीं कि आज उसकी काठ की, गमछे वाली कुर्सी को उससे मोक्ष मिलने...

चर्चा में

यहाँ वैज्ञानिक को दार्शनिक के पड़ोसी होने का समुचित फायदा मिला। परिस्थितियों के भंवर में, घाट से घाट पटक खाकर, हिलोर कर कपड़े को...

चर्चा में

असल में दुख के यूनिवर्सल होने में बहुत कुछ होता है, आपको एक गाड़ी चाहिए, मोटे दीवार वाले मकान चाहिए, कुछ ज्यादा ही व्यस्त...

चर्चा में

ये तो थी पुरानी बात। पर आपने कभी गौर किया है कि कुर्सी में वो क्या बात होती है जो उसे कुर्सी बनाती है?...

चर्चा में

यंगिस्तान में अचानक चर्चा शुरू हो गयी कि आधा इस्तान भूखा है, पूरा इस्तान बेरोजगार है, इस्तान की लड़कियां पिंजरे की मैना है, इस्तान...

चर्चा में

अगर अब जीना नहीं सीख सके तो विनाश के लिए तैयार रहिए। जब विध्वंस के बाद हम गिरेंगे तो फिर हमारी खुदाई भी होगी...

चर्चा में

राजा भी तो राज्य की मूलभावना का प्रतिनिधित्व करता नहीं, वो राष्ट्रनीति नहीं राजनीति का अनुगामी बन गया है। राजा का आदेश बनकर जब...

चर्चा में

धर्म को क्या पड़ी थी? आप जहां भी हो, उसी ईश्वर के लोक में हो! कुछ भी करो, उसी ईश्वर की इच्छा से कर...

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